16 अगस्त 2012

जीवन बने तुम्हारा...!



हवाओं में कुछ ऐसी खुशबू महक रही है
यूँ लग रहा है जैसे तुम मुझे बुला रहे हो...

ये खुशबू के बहाने, क्या प्यार है तुम्हारा
मन को लुभा रहा है, अहसास ये तुम्हारा...

ये हवाओं ने कहा है, इन फ़िज़ाओं ने सुना है
तुम हो बहुत ही प्यारे, मेरे दिल ने जो चुना है...

ये हवाएं गा रही हैं, दिल का है जो इशारा
अब चाह है ये मेरी, जीवन बने तुम्हारा...!!

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13 टिप्‍पणियां:

  1. अनुपम भाव लिए उत्‍कृष्‍ट अभिव्‍यक्ति ...

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  2. ये खुशबू के बहाने, क्या प्यार है तुम्हारा
    मन को लुभा रहा है, अहसास ये तुम्हारा...

    प्रेम भाव लिए मधुर रस घोलती रचना ... लाजवाब शेर ...

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  3. उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

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  4. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    साझा करने के लिए धन्यवाद!

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  5. समर्पण की इसी चाह में प्रेम भी है और जीवन का सार भी।

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  6. जहाँ चाह हो राह तो, मिल जाती उस ओर।
    जीवन जीने के लिए, आशा ही है डोर।।

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  7. बहुत सुंदर हवा है
    हवा ने कुछ कहा है
    लग रहा है जैसे
    सब कुछ सच में
    हवा ने सुना है !

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  8. हम पढ़ते गए.....और यादों के पिछले पन्ने खुलते गए ...
    लाजवाब कृति |

    "मन के कोने से..."

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