15 मई 2012

तेरे प्यार के साये में...



बेदर्द इस जहाँ में, यूँ तेरा मुझसे मिलना
करके वफ़ा का वादा, दिल प्यार से भर देना...

यूँ लगता है जैसे तुम, मेरा ही हो फ़साना
दिल में बसाया है तो, कभी दिल से न भुलाना...

पल भर को मुझसे हटकर, यूँ तेरा दूर जाना
महसूस करती हूँ मैं, सांसों का थम ही जाना...

तेरे प्यार के साए में, महसूस ये होता है
सारे जहाँ की खुशियाँ, मेरे अंजुमन में आना...

2 टिप्‍पणियां:

  1. इस रचना के माध्यम से एक कोमल भावना की अभिव्यक्ति हुई है।

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  2. बहुत खूबसूरत रचना...कोमल भाव!!!

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