25 मई 2012

क्यों डरते हो तुम प्यार से.....?



क्यों डरते हो तुम प्यार से
ये भी भला कोई डरने की चीज़ है
प्यार तो वो कोमल एहसास है
जो किसी को भी मिलता है नसीब से

शायद तुम डरते हो अपने आप से
कि कहीं कोई तुमसे तुम्हीं को ना छीन ले
प्यार से तुम्हे अपनाकर
तुम्हारे दर्द कि गिरह ना खोल दे

तो खोलने दो ना, क्यों डरते हो आखिर
क्या होगा ? बिखर ही जाओगे ना
तो बिखर जाने दो अपने आप को
प्यार से संवार लेगा तुम्हे कोई

और प्यार में सज-संवर कर
खुशबू सी महकेगी तुम्हारी जिन्दगी.....!!

3 टिप्‍पणियां:

  1. क्यों डरते हो आखिर
    क्या होगा ? बिखर ही जाओगे ना
    तो बिखर जाने दो अपने आप को
    प्यार से संवार लेगा तुम्हे कोई... प्यार में बड़ा दम है

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  2. बेह्तरीन अभिव्यक्ति .आपका ब्लॉग देखा मैने और नमन है आपको
    और बहुत ही सुन्दर शब्दों से सजाया गया है लिखते रहिये और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

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