सौंठ के लड्डू चरपरे
हैं...
इक लड्डू मेरी सासुल
ने माँगा..
बहू जरा दीजो, कस बने
हैं..
आधा देत मोरी अँगुरी
दु:खत हैं..
पूरो दियो ना जाए-
गरी के गोला नौ पड़े
हैं..
पसेरिन इनमें घी भरो
है..
छुआरे-मेवा सब पड़े हैं..
सौंठ के लड्डू चरपरे
हैं.....॥१॥
इक लड्डू मेरी जिठनी
ने माँगा..
छोटी जरा दीजो, कस बने
हैं..
आधा देत मोरी अँगुरी
दु:खत हैं..
पूरो दियो ना जाए-
गरी के गोला नौ पड़े
हैं..
पसेरिन इनमें घी भरो
है..
छुआरे-मेवा सब पड़े हैं..
सौंठ के लड्डू चरपरे
हैं.....॥२॥
इक लड्डू मेरी ननदी
ने माँगा..
भाभी जरा दीजो, कस बने
हैं..
आधा देत मोरी अँगुरी
दु:खत हैं..
पूरो दियो ना जाए-
गरी के गोला नौ पड़े
हैं..
पसेरिन इनमें घी भरो
है..
छुआरे-मेवा सब पड़े हैं..
सौंठ के लड्डू चरपरे
हैं.....॥३॥
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