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30 जुलाई 2014

मेरा सूरज है या चाँद कहूँ...






ऐ ज़िन्दगी! तुझे क्या कहूँ,
          मेरा सूरज है या चाँद कहूँ.....

सूरज की तपिश है तुझमें तो,
          चन्दा सी शीतलता भी है।
इनसे है जगमग दुनिया तो,
          मेरे दिल की रौनक तुझसे है।
मेरा सूरज है और चाँद भी तू,
          ऐ दिल बता तुझे क्या कहूँ.....

सूरज सा दमकता चेहरा है,
          चन्दा सी कोमल काया है।
दिल के अन्तस को जो छू ले,
          ऐसा अमृत-जल छलकाया है।
तू सब कुछ है, मेरा सब कुछ है,
          दिल ये कहे, मैं क्या करूँ.....

           **********

8 मई 2012

तुमसे दूर जाकर...


तुमसे दूर जाकर तुम्हारा इन्तजार करने को जी करता है,
बहुत प्यार करते हैं तुमसे, ये इजहार करने को जी करता है...

१.  दूर जाते हो जब भी छोड़कर तुम मुझे,
    तुमसे तुम्हीं को चुराने को जी करता है...

२. जब भी आ जाते हैं, आँखों में मेरी आंसू,
    तेरे सीने पे सिर रखकर रोने को जी करता है...

३. दर्द ही दर्द है दिल के अन्दर मगर,
    सिर्फ तेरे लिए मुस्कुराने को जी करता है...

४. जिन्दगी खुशनुमा है, साथ तुम हो मेरे,
    पर तुम्हारे लिए मर जाने को जी करता है...